-डीपीसी का प्रेरक उद्बोधन भविष्य से भेंट कार्यक्रम में गूंजा, आदर्श नगर उमावि में आयोजित हुआ कार्यक्रमशिवपुरी-शहर के आदर्श नगर स्थित हायर सेकंडरी स्कूल में बुधवार को भविष्य से भेंट कार्यक्रम का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सामाजिक न्याय एवं पिछ?ा वर्ग विभाग की उप संचालक सुश्री तामरे को पहुंचना था मगर वे नहीं आईं। इनके स्थान पर जिला परियोजना समन्वयक दफेदार सिंह सिकरवार और एफएलएन की जिला प्रबंधक सुश्री रितिका प्रजापति उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को जीवन में लक्ष्य निर्धारण शिक्षा के महत्व और आत्मनिर्भरता की दिशा में अपने अनुभवों के माध्यम से प्रेरित करना था। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय की प्रभारी प्राचार्य श्रीमती शोभा मौर्य एवं सुदामा प्रसाद द्वारा अतिथियों के स्वागत से हुई। विद्यार्थियों ने स्वागत प्रस्तुतियां देकर माहौल को सरस बना दिया वहीं कार्यक्रम का शानदार संचालन श्रीमती हेमलता चौधरी ने किया। इसके पश्चात मंच पर अतिथियों का प्रेरणादायक संबोधन हुआ।
डीपीसी दफेदार सिंह सिकरवार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा लक्ष्यविहीन विद्यार्थी जीवन उस नौका की तरह है जो बिना पतवार के बहती है और कभी मंजिल तक नहीं पहुंचती। उन्होंने समझाया कि जीवन में यदि लक्ष्य निर्धारित न हो तो मेहनत भी दिशाहीन हो जाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने जीवन में स्पष्ट उद्देश्य तय करें और उसके लिए अनुशासन निरंतरता और आत्मविश्वास के साथ प्रयास करें। उनके वक्तव्य ने विद्यार्थियों को गहराई से सोचने को प्रेरित किया।
एफएलएन कार्यक्रम की प्रबंधक रितिका प्रजापति ने कहा कि जीवन में लक्ष्य का निर्धारण जरुरी है और असफलता को चुनौती मानकर चलने वाले कभी लक्ष्य से पीछे नहीं रहते। प्रारंभिक शिक्षा में साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान की मजबूत नींव ही भविष्य की सफलता का आधार होती है। उन्होंने बच्चों को बचपन से ही पढ़ाई को बोझ न मानकर आनंद के साथ सीखने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने छात्राओं को विशेष रूप से आगे ब?ने आत्मनिर्भर बनने और समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। विद्यालय की ओर से दोनों अतिथियों को पुष्पाहार भेंट कर आभार व्यक्त किया गया। पूरे आयोजन में छात्रों शिक्षकों और अतिथियों की सहभागिता से वातावरण प्रेरणादायक बना रहा। भविष्य से भेंट जैसे नवाचारपरक कार्यक्रम विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारण आत्मविश्वास और जीवन मूल्यों की ओर प्रेरित करते हैं। यदि ऐसी पहल लगातार होती रहें तो निश्चित रूप से हमारे विद्यार्थी न केवल एक अच्छे छात्र बल्कि एक आदर्श नागरिक के रूप में विकसित होंगे।
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